8वें वेतन आयोग से कितनी बढ़ेगी सैलरी , देखें सैलरी चार्ट, कितना मिलेगा एरियर 8th Pay Commission Salary Hike

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। महंगाई भत्ता (DA) में 4% की बढ़ोतरी को मंजूरी मिलने के बाद अब डीए बढ़कर बेसिक सैलरी का 55% हो गया है। यह नई दर 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जा रही है, जिससे कर्मचारियों की मासिक सैलरी, पेंशन और कई दूसरे भत्तों में सीधा असर दिखेगा। बढ़ती महंगाई के बीच यह फैसला कर्मचारियों की आय को मजबूत करने में मदद करेगा।

नई DA दर से सैलरी और पेंशन पर क्या असर पड़ेगा

डीए बढ़ने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि हर महीने मिलने वाली कुल रकम बढ़ जाती है। कर्मचारियों को सैलरी में सीधा इजाफा दिखेगा और साथ ही पिछली अवधि का बकाया (एरियर) भी मिलने की संभावना रहती है। पेंशनर्स के लिए यही बढ़ोतरी महंगाई राहत (DR) के रूप में लागू होती है, जिससे उनकी पेंशन भी पहले के मुकाबले ज्यादा हो जाएगी। महंगाई भत्ता आमतौर पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों के आधार पर तय किया जाता है और इसका मकसद यही होता है कि बढ़ती कीमतों का दबाव कर्मचारियों पर कम हो।

DA की गणना कैसे होती है और कितनी बढ़त मिल सकती है

महंगाई भत्ता तय करने के लिए CPI के 12 महीने के औसत का उपयोग किया जाता है। सरकार साल में दो बार इसकी समीक्षा करती है ताकि कर्मचारियों की खरीदने की क्षमता बनी रहे। आसान उदाहरण समझें तो अगर किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन ₹50,000 है, तो 55% डीए के हिसाब से उसे ₹27,500 अतिरिक्त मिलेंगे। इसी तरह बेसिक सैलरी अलग-अलग होने पर हर कर्मचारी की बढ़ोतरी भी अलग होगी, लेकिन सामान्य तौर पर हर महीने कुछ हजार रुपये तक का फायदा देखा जा सकता है।

HRA भी बढ़ा: किराए के खर्च में मिलेगी राहत

DA के 55% तक पहुंचते ही हाउस रेंट अलाउंस (HRA) की दरों में भी बढ़ोतरी का फायदा मिल सकता है। HRA शहर की कैटेगरी के अनुसार अलग-अलग होता है, इसलिए मेट्रो और बड़े शहरों में रहने वाले कर्मचारियों को इसका ज्यादा लाभ मिलता है। X कैटेगरी वाले शहरों में HRA 24% से बढ़कर 27% तक, Y कैटेगरी में 16% से 18% तक और Z कैटेगरी में 8% से बढ़कर 9% तक हो सकता है। इससे उन कर्मचारियों को राहत मिलेगी जो किराए पर रहते हैं और जिनका एक बड़ा खर्च मकान पर जाता है।

8वें वेतन आयोग पर चर्चा तेज: क्या 2026 में लागू हो सकता है

DA बढ़ने के बाद 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि नया वेतन आयोग जल्द लागू किया जाए ताकि लंबे समय से रुके वेतन संशोधन का फायदा मिल सके। रिपोर्ट्स में यह संभावना जताई जा रही है कि 2026 से नया वेतन आयोग लागू हो सकता है, हालांकि इस पर कोई अंतिम आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। अगर नया वेतन आयोग लागू होता है तो बेसिक वेतन और भत्तों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

फिटमेंट फैक्टर से बदल सकता है वेतन ढांचा

हर नए वेतन आयोग में सबसे अहम भूमिका फिटमेंट फैक्टर की होती है। इसी के आधार पर पुराने वेतन को नए वेतन में बदला जाता है। जानकारों के मुताबिक सैलरी में 30% से 40% तक की बढ़ोतरी की संभावना मानी जा रही है। यदि फिटमेंट फैक्टर ज्यादा रखा गया तो न्यूनतम वेतन से लेकर उच्च पदों की सैलरी तक में बड़ा अंतर दिखाई दे सकता है। इससे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनर्स को भी सीधा फायदा मिलेगा।

वेतन आयोग की परंपरा और सरकार की प्रक्रिया

भारत में वेतन आयोग की परंपरा काफी पुरानी है और पहला वेतन आयोग 1946 में बना था। इसके बाद समय-समय पर नए आयोग गठित किए जाते रहे हैं, हालांकि हर 10 साल में आयोग बनाना कोई कानूनन अनिवार्यता नहीं है। सरकार वेतन आयोग बनाने से पहले महंगाई, बजट, कर्मचारियों की जरूरत और आर्थिक हालात जैसे कई पहलुओं पर समीक्षा करती है। कर्मचारियों की यूनियनें और संगठनों की मांग भी इस प्रक्रिया को प्रभावित करती है।

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